भारत का कारवां ऐसे लाखों अति प्रतिभाशाली लोगों द्वारा खींचे जा रहे विशालकाय रथ की तरह गति पकड़ते हुए आगे बढ़ रहा है, जिन्हें तैयार करना हमारे पुराने श्रेष्ठ संस्थानों के बस में नहीं हो सकता था.