सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 में बदलाव पर वर्षों से काम चल रहा है. इस बीच तमाम पैनल्स ने ड्राफ्ट को स्टडी किया और फिल्म इंडस्ट्री ने चिंता जताई. आखिरकार सोमवार को संसद में बिल पारित हो गया.