यह कोई नहीं कह सकता कि राहुल अब एक महान वक्ता हैं या फिर एक कुशल राजनीतिज्ञ. लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने संसद में बुद्धिमत्ता और जोश के साथ मोदी सरकार की आलोचना नहीं की.