नीति आयोग की रिपोर्ट से पता चलता है कि दिल्ली के 11 जिलों में से पांच में 2016 और 2021 के बीच बहुआयामी गरीबी में वृद्धि देखी गई. शहर की बहुआयामी गरीबी में शिक्षा की हिस्सेदारी भी बढ़ी है.