कुछ लोगों का मानना है कि इससे कलकत्ता हाई कोर्ट की छवि पर असर पड़ेगा और सत्तारूढ़ टीएमसी के खिलाफ उनके आदेशों को राजनीति से प्रेरित करार दिया जा सकता है. इस बीच, टीएमसी पहले ही ठीक यही आरोप लगाते हुए बयान दे चुकी है.