मेरा मानना था कि गुप्त मतदान से छुटकारा मिलने से राज्यसभा चुनावों में खरीद-फरोख्त का खतरा समाप्त हो गया. लेकिन इस सप्ताह के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि हमने अपने कुछ विधायकों की नैतिकता पर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा किया.