2020 में भाजपा आक्रामक हो गई और प्रदर्शनकारियों को ‘खालिस्तानी’ करार दिया. हालांकि, इस बार चुनावी साल में भाजपा और सरकार दोनों अपने दृष्टिकोण में अधिक नरम रहे हैं.