कोई घोर आशावादी ही यह उम्मीद कर सकता है कि एमवी सरकार इस तूफान में से साबुत बचकर निकल पाएगी, लेकिन बागी शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के लिए भी राह आसान नहीं है.