आजादी के संघर्ष का हिस्सा होने से लेकर, बाद में ये अख़बार इंदिरा गांधी के मुखपत्र के तौर जाना जाने लगा. खासकर राहुल और सेनिया की ED जांच के बाद, अब ये अपने खिलाफ केस को लेकर खबरों में है.