सरकारी पशु चिकित्सालय में स्थापित कंट्रोल रूप ग्राम पंचायतों से आने वाली कॉल के जरिये संदिग्ध मामलों और उपचार के अनुरोध के बारे में जानकारियां जुटाता है, जबकि रैपिड रिस्पांस टीम जमीनी स्तर पर काम करती है.