सितंबर से शुरू करके अगले 3 महीनों तक कृषि और किसानों को प्रभावित करने वाली नीतियों को लागू करने में शामिल तमाम अधिकारी किसानों की कठिनाइयों को समझने के लिए हर महीने एक से तीन दिन का समय किसानों के साथ बिताएंगे.