उद्धव की अगुवाई वाले सेना गुट को डर है कि शिंदे की सरकार अपनी ताकत का इस्तेमाल कर के, उन्हें अपनी प्रतिष्ठित दशहरा रैली के लिए मैदान का इस्तेमाल करने से मना करा सकती है. सबकी नज़रें अब बीएमसी पर हैं.