Freedom Struggle: Recent Episodes

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चम्पारण सत्याग्रह (1917 ई०) गांधी जी ने सत्याग्रह का पहला प्रयोग बिहार के चंपारण में किया। चंपारण में यूरोपीय बागान मालिक किसानों से जबरन नील की खेती करवाते थे तथा ... आगे पढ़ें ..

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बंगाल की अनुशीलन समिति पहली क्रांतिकारी संस्था थी। इसकी स्थापना बारीन्द्र कुमार घोष ने 1907 ई० में की थी ! भवानी मंदिर नामक पुस्तक में क्रांतिकारी संस्थाओं की स्थापना से ... आगे पढ़ें ..

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जून, 1914 में तिलक की स्वदेश वापसी के बाद राष्ट्रवादी तत्व पुनः सक्रिय हो उठे। 28 अप्रैल 1916 को बाल गंगाधर तिलक ने पूना में इंडियन होमरूल लीग की स्थापना ... आगे पढ़ें ..

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1914 ई० में मांडले जेल से रिहा होने के पश्चात बाल गंगाधर तिलक कांग्रेस के दोनों गुटों तथा कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता कराने के प्रयास में जुट गये। कांग्रेस के दोनों ... आगे पढ़ें ..

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अखिल भारत हिन्दू महासभा भारत का एक राजनीतिक दल है। जिसकी स्थापना 9 अप्रैल, 1915 ई० को हुई। इसकी स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय ने हरिद्वार (प्रयाग) के कुंभ मेले ... आगे पढ़ें ..

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1911 ई० में एक भव्य दरबार का आयोजन ‘दिल्ली’ में इंगलैंड के सम्राट जॉर्ज-V एवं महारानी मेरी के स्वागत के लिए आयोजित किया गया। इस दरबार का आयोजन तत्कालीन वायसराय ... आगे पढ़ें ..

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तत्कालीन वायसराय ‘लॉर्ड मिंटो’ तथा इंडिया सचिव ‘मार्ले’ ने उदारवादियों को पुचकारने एवं हिंदू मुस्लिम संबंधों में कटुता उत्पन्न करने के उद्देश्य से इंडिया काउंसिल एक्ट-1909 पारित कराया। इस एक्ट ... आगे पढ़ें ..

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रौलेट एक्ट भारत में राज कर रही ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में उभर रहे राष्ट्रीय आंदोलन को ख़त्म करने के उद्देश्य से वर्ष 1919 में कई कानून लागू किये गए ... आगे पढ़ें ..

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सन 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन सूरत में हुआ था जिसकी अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की थी। स्वराज शब्द को परिभाषित करने के सवाल पर उग्रवादियों एवं ... आगे पढ़ें ..

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कांग्रेस का बनारस अधिवेशन (Benaras Convention of Congress) 1905 ई० बनारस अधिवेशन में प्रिंस ऑफ वेल्स के 1906 ई० में संभावित भारत आगमन से संबंधित एक प्रस्ताव को उग्रवादियों के ... आगे पढ़ें ..

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Calcutta Convention of Congress – 1906 ई० कुछ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य जो हर बार परीक्षाओं में पूछे जाते हैं – कांग्रेस का कलकत्ता अधिवेशन 1906 ई. में कलकत्ता में सम्पन्न ... आगे पढ़ें ..

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‘दयानंद सरस्वती’ द्वारा 1882 ई० में ‘गोरक्षिणी सभाओं’ का गठन किया गया। तब से 1893 ई० तक पश्चिम भारत में अनेक दंगे हुए। कांग्रेस के कई सदस्य इन गोरक्षिणी सभाओं ... आगे पढ़ें ..

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बंगाल का विभाजन (Partition of Bengal) 16 अक्टूबर, 1905 ई०; 19वीं शताबदी के अंत में बंगाल प्रांत में असम बिहार एवं उडीसा शामिल थे। उस काल में इसका क्षेत्रफल 189000 ... आगे पढ़ें ..

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द्वितीय चरण (1905-11 ई०) इस काल को उग्रवादी राष्ट्रीयता का युग कहा जाता है ! 1892 ई० में पारित ‘इंडिया काउंसिल एक्ट’ सुधारों के दृष्टिकोण से अपूर्ण एवं अपर्याप्त थे। ... आगे पढ़ें ..

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प्रथम चरण (1885-1905 ई०) इस काल को उदारवादी राष्ट्रीयता का युग भी कहा गया है ! कांग्रेस की स्थापना के बाद, अगले 20 वर्षों तक उसको नीति अत्यंत उदार थी। इसे ... आगे पढ़ें ..

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885 ई० को 12 बजे दिन में बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई। इसमें पहले ... आगे पढ़ें ..

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1836 ई० में राजा राम मोहन राय के अनुयायियों ने पहली राजनीतिक संस्था बंग प्रकाशक सभा की स्थापना की। 1838 ई० में बंगाल के जमींदारों ने लैंड होल्डर्स सोसायटी की स्थापना ... आगे पढ़ें ..

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Complete Information About Mangal Pandey in Hindi जीवन परिचय(Biography) मंगल पाण्डेय का जन्म भारत में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा नामक गांव में 19 जुलाई 1827 को एक सामान्य सरयूपारीण ब्राह्मण परिवार में हुआ ... आगे पढ़ें ..

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इस नोट्स में आप पायेंगे, विभिन्न स्वतंत्रता संग्राम के व्यक्तित्वों के बारे में, अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे सवाल पूछा जाता है, यहाँ ये बेहद सरल भाषा में दिया गया ... आगे पढ़ें ..

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इसमें कोल, संथाल, अहोम, खासी, मुंडा, रमपाई कुछ प्रमुख हैं ! कोल विद्रोह यह 1820से 1836 तक हुआ छोटा नागपुर के कोलो ने अपना क्रोध उस समय प्रकट किया जब ... आगे पढ़ें ..

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1857 के विद्रोह के बाद भारत में और भी अनेक विद्रोह हुए जिनमें कुछ नागरिक विद्रोह थे कुछ आदिवासी तथा कुछ कृषक विद्रोह थे सन्यासी विद्रोह (Sanyasi Vidroh)  यह 1763 ... आगे पढ़ें ..

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राजनैतिक कारण डलहौजी की राज्य हडप ने की नीति , भारतीयो के साथ अंग्रेजों का घृणित व्यवहार (रंगभेद करना अच्छा व्यवहार ना करना उच्च पदों पर केवल अंग्रेजों को ही ... आगे पढ़ें ..

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1857 का विद्रोह का प्रारम्भ 1857 का विद्रोह कम्पनी के अधीनस्थ भारतीय सैनिकों की बगावत से प्रारम्भ हुआ 29 मार्च 1857 को बंगाल के बैरकपुर सैन-ए छावनी में तैनात 19 ... आगे पढ़ें ..