This will be a podcast of Mahabharat narrated by Atul Purohit in Hindi. I will also talk about the life of Krishna and include content from Srimad Bhagwat and Gita.
इस कड़ी में अर्जुन को अभिमन्यु की दुखद मृत्यु का समाचार मिलता है और वे जयद्रथ वध की प्रतिज्ञा लेते हैं। अगली सुबह अर्जुन अकेले विशाल व्यूह को भेदते हैं, जबकि सात्यकि और भीम भी उनके पीछे आते हैं। रणभूमि में जबरदस्त युद्ध होता है – वीरता, क्रोध और शोक सब चरम पर हैं। अर्जुन का हर कदम केवल एक लक्ष्य के लिए है: प्रतिशोध।
द्रोण पर्व में हम महाभारत के युद्ध के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँचते हैं। भीष्म पितामह के शरशय्या पर जाने के बाद, युद्ध की बागडोर द्रोणाचार्य के हाथों में आती है। इस दौरान पांडवों की सेना और कौरवों के बीच भयंकर संघर्ष होता है, और अर्जुन के बेटे अभिमन्यु का साहसिक बलिदान भी इस पर्व में शामिल है। अभिमन्यु, जिसे चक्रव्यूह तोड़ने की कला सिखाई गई थी, परन्तु वह उसकी समाप्ति तक नहीं पहुँच पाता। इस एपीसोड में हम द्रोण पर्व की शुरुआत और अभिमन्यु के बलिदान तक के घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे।
आज हम देखेंगे कि किस तरह से युद्ध दूसरे दिन से चालू होता है और छठे दिन तक जाता है। हम कई तरह के व्यूह के बारे में भी जानेंगे।
हम देखेंगे कि महाभारत का युद्ध शुरू होता है। हम यह भी देखेंगे कि कौन से योद्धाओं ने युद्ध में अपनी जगह बदल ली है।
हम देखेंगे किस तरह से एक बार फिर पांडवों और कौरवों के बीच लड़ाई होती है। पांडवों का अज्ञातवास और वनवास खत्म होता है और वह कौरवों के सामने आते हैं। अंत में हम देखेंगे कि कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध का आगाज कैसे होता है।
इस एपीसोड में हम नल और दमयंती की कहानी सुनेंगे। साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे कि किस तरह से अर्जुन पांडवों के साथ वापस आ गए हैं। हम दुर्योधन और उसकी सेना को नाकाम होते हुए भी देखेंगे।
हम देखेंगे कि किस तरह से दुर्योधन और शकुनि ने फिर से पांडवों को जुआ खेलने के लिए मजबूर कर दिया. इसके फलस्वरूप पांडवों को वनवास झेलना पड़ा। लेकिन इसके साथ ही पांडवों को इस वनवास में तरह तरह के अस्त्र शस्त्र मिले।
इस एपिसोड में महाभारत का सभापर्व खत्म होता है और वनपर्व शुरू होता है।
हम देखेंगे कि किस तरह से दुर्योधन ने पांडवों के खिलाफ अपना बदला उन्हें जुए के खेल में हरा कर लिया। हम भगवान कृष्ण का एक और चमत्कार भी देखेंगे और देखेंगे कि किस तरह से अंत में पांडव और कौरवों के बीच में लड़ाई होते होते रह गई।
इस एपिसोड में हम देखेंगे कि युधिष्ठिर ने किस तरह से राजसूय यज्ञ किया और कृष्ण ने किस तरह से अपने एक शत्रु को मार दिया। हम दुर्योधन का पांडवों के प्रति द्वेष भी देखेंगे।
इस एपिसोड में हम देखेंगे कि पांडवों ने एक अद्वितीय महल हासिल किया, और युधिष्ठिर ने महत्वकांक्षी होकर राजसूय यज्ञ करवाने के बारे में सोचा। हम कृष्ण की एक और पुराने शत्रु से मिलेंगे और देखेंगे कि कृष्ण ने किस तरह से शत्रु से द्वारका को बचाया।
आज हम देखेंगे कि किस तरह से अर्जुन एक वनवास में चले गए और वहां उन्होंने कई शादियां की. साथ में पांडवों ने इंद्रप्रस्थ को एक बहुत ही अच्छा राज्य बना दिया। हम यह भी देखेंगे कि कृष्ण और अर्जुन ने किस तरह से एक पूरा जंगल जलाने में अग्नि की मदद की।
हम देखेंगे कि पांडव वापस हस्तिनापुर कैसे पहुंचे। हम यह भी देखेंगे कि दुर्योधन और अन्य कौरव पांडवों से कितनी हद तक जलते थे। अंत में हम पांडवों के लिए खुश होंगे जब उनको राज करने के लिए एक देश मिलेगा।
इस एपिसोड में हम कृष्ण और बलराम के बारे में सुनेंगे। हम देखेंगे कि कैसे कृष्ण की 16000 बीवियां थी, और कैसे क्रोधित बलराम ने नदियों, कौरवों और समस्त नगरों को अपने सामने झुका दिया। यह भागवत पुराण की आखिरी कड़ी है।
आज हम देखेंगे की कंस का अंत कैसे हुए और द्वारका कैसे बनी। हम कृष्णा और बलराम को बहुत से राक्षस मारते हुए देखेंगे और एक भगवान राम के वंशज से भी मिलेंगे ।
हम कृष्ण पर होने वाले अनेक हमलों के बारे में जानेंगे। हम ये भी देखेंगे की कृष्ण कैसे हमको उनको पाने का रास्ता दिखाते है। इसके साथ ही हम एक घमंडी देवता का घमंड कृष्ण द्वारा टूटता हुआ देखेंगे।
आज हम देखेंगे की एक भगवान कैसे दुनिया में जन्म लेते हैं। हम कृष्ण के बचपन और उनको शरारतों क साथ उनके अलौकिक रूप भी देखेंगे।
आज हम पांडवों, कौरवों और भगवान कृष्ण के पूर्वज राजा ययाति के बारे में बात करेंगे. हम भागवत पुराण के बारे भी जानेंगे और देखेंगे की ये महाभारत से कैसे जुड़ा हुआ है.
आज हम अर्जुन और कर्ण की पहली मुठभेड़ देखेंगे। हम पांडवों की द्रौपदी से शादी के बारे में भी जानेंगे। हम ये भी जानेंगे की द्रुपद इस शादी क बारे में क्या सोचते हैं
आज हम देखेंगे की पांडव वरणवट से निकलकर एकचक्र में कैसे छुपकर ज़िन्दगी बिता रहे हैं। हम भीम और अर्जुन की वीरता के बारे में भी जानेंगे। अंत में हम देखेंगे की द्रुपद ने अपना बदला पूरा करने क्या किया।
आज हम देखेंगे कि कैसे दुर्योधन ने पांडवों को जलाकर मारने की कोशिश की। हम यह भी देखेंगे कि इस कोशिश का क्या अंजाम हुआ। इसके साथ ही हम यह भी जानेंगे कि सबसे पहले कौन से पांडव की शादी हुई और किससे हुई।
आज हम देखेंगे की पांडवों का एक और भाई भी है जो शुरू से ही उनके खिलाफ हो जाता है। आगे हम जानेंगे की द्रोण ने द्रुपद से अपना बदला कैसे पूरा किया।
आज हम बात करेंगे की पांडवों और कौरवों का बचपन कैसे बीता. हम ये भी जानेंगे की द्रोणाचार्य और कृपाचार्य ने कैसे उनको शिक्षा दी.
आज हम देखेंगे की हमारे नायकों और खलनायकों का जन्म कैसे होता है। हम जानेंगे की कैसे युधिष्ठिर पहले पैदा होने के बाद दुर्योधन को बड़ा कैसे माना जा सकता है।
आज हम भीष्म के भतीजों धृतराष्ट्र, विदुर और पांडु के जन्म के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे की कैसे ऋषि व्यास ने एक बहुत बड़ी समस्या को हल किया लेकिन साथ ही साथ दूसरी समस्याओं को जन्म दिया।
आज हम मुख्य कहानी में आगे बढ़ेंगे और भीष्म के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे कि किस तरह से 8 वसुओं ने गंगा और शांतनु के पुत्र के रूप में जन्म लिया। साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे कि गंगा ने किस तरह से 7 नवजात शिशुओं को मार दिया। हम देखेंगे कि भीष्म कौन हैं और हम यह भी जानेंगे कि भीष्म प्रतिज्ञा कैसे और क्यों ली गई.
आज हम दुष्यंत और शकुंतला के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे विश्वामित्र की तपस्या ने कैसे इंद्र को चिंतित कर दिया। अंत में हम जानेंगे की राजा भरत का जन्म कैसे हुआ।
हम बात करेंगे की महाभारत शुरू कैसे हुई। हम जानेंगे की कौन थे राजा वसु और कैसे एक मछली ने राजा वसु की संतानों को जन्म दिया। इसके साथ ही हम सुनेंगे की ऋषि व्यास कैसे पैदा हुए।
आज हम महाभारत के शुरू होने के बारे में बात करेंगे। हम जानेंगे की यह कहानी शुरू कैसे होती है और कैसे कही गयी है और किसके द्वारा कही गयी है। हम यह भी जानेंगे की सर्प यज्ञ क्या था और इस यज्ञ में सभी साँपों को क्यों मारा जा रहा था। आखिकार हम ये… Continue reading 002 – Origins
मैंने कई पॉडकास्ट देखे महाभारत के, पर सभी इंग्लिश में थे। मुझे लगा की इतना बड़ा महाकाव्य, जिसपर सभी को गर्व होना चाहिए, बहुत से लोगों की पहुँच से दूर है क्यूंकि इंग्लिश में उच्चारण अलग होता है। तो मैंने ये हिंदी पॉडकास्ट शुरू करने पर विचार किया। इस श्रृंखला में, मैं प्राचीन भारतीय महाकाव्य… Continue reading 001 – The beginning