यीशु मसीह परमेश्वर का वह मेमना है जो हमारी मुक्ति के लिए मारा गया, गाड़ा गया और तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठा। विश्वास करें, पश्चाताप करें और यीशु मसीह को अपने जीवन में मसीहा करके ग्रहण करें। अर्थात प्रभु और मुक्ति दाता करके।
यीशु मसीह का सलीबी बलिदान जो हमारे जीवन में उद्धार के लिए ईश्वरीय सामर्थ का कार्य करता है ।
विश्वास करें कि यीशु मसीह ही प्रभु है और खुद को शुन्य करदे और दीन हो जाए । हमारा स्वभाव वैसा ही हो जैसा मसीह यीशु का है । उसके आगे घुटने टेक दें ।
परमेश्वर हमसे प्रेम करता है और उसने हमारी मुक्ति का उपाय किया है । और वह उपाय यीशु मसीह का बलिदान है । वह हमारे लिए मारा गया और गाड़ा गया और तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठा ।
कैसे हम यीशु मसीह के पीछे हो लें । 1.विशवास 2.प्रेम 3.आतमा से परिपूर्ण होना 4.परमेशवर का भय