View Details
क्या अपना नहीं समझती आजकल तुम मुझे
ख़ाक बेवफ़ा हो
ख्वाहिशों की दुनियां ख्वाहिशों की दुनिया में नया इतिहास लिखने जा रहा हूं ।। में खुद को मोहब्बत का मसीहा और तुझे गद्दार लिखने जा रहा हूं ।।
पलटकर देख लेते तुम