(कवि श्री रवीन्द्रजी) (Kaviśrī Ravīndrajī) Audio PDF (पूजन विधि निर्देश) (Poojan Procedure Guide) देव-शास्त्र-गुरुवर अहो! मम स्वरूप दर्शाय | किया परम उपकार मैं, नमन करूँ हर्षाय || जब मैं आता आप ढिंग, निज स्मरण सु आय | निज प्रभुता मुझमें प्रभो! प्रत्यक्ष देय दिखाय || ॐ ह्रीं श्री देवशास्त्रगुरु समूह! अत्र अवतर! अवतर! संवौषट् (आह्वाननम्)। … Continue reading श्री देव-शास्त्र-गुरु पूजा Śrī dēv-śāstra-guru poojā →
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कवि श्री रवीन्द्र Kavi Srī Ravīndra Audio PDF (पूजन विधि निर्देश) (Poojan Procedure Guide) (शंभु छन्द) हे पार्श्वनाथ! हे पार्श्वनाथ! तुमने हमको यह बतलाया | निज पार्श्वनाथ में थिरता से, निश्चय सुख होता सिखलाया || तुमको पाकर मैं तृप्त हुआ, ठुकराऊं जग की निधि नामी | हे रवि सम स्वपर प्रकाशक प्रभु! मम हृदय विराजो … Continue reading श्री पार्श्वनाथ जिन पूजाŚrī Pārśvanātha Jina Pūjā →
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कविश्री पूरनमल Kavi śrī Pūranamala Audio PDF (गीता छन्द) (Gītā chanda) श्री वीर सन्मति गाँव ‘चाँदन’, में प्रगट भये आयकर | जिनको वचन-मन-काय से, मैं पूजहूँ सिर नायकर || ये दयामय नार-नर, लखि शांतिरूपी भेष को | तुम ज्ञानरूपी भानु से, कीना सुशोभित देश को || सुर इन्द्र विद्याधर मुनी, नरपति नवावें शीस को | … Continue reading श्री महावीर स्वामी पूजा (चाँदनगाँव)Śrī Mahāvīra Svāmī Pūjā (Cām̐danagām̐va) →
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कवियत्री अरुणा जैन ‘भारती’ Kaviyatrī aruṇā jaina ‘bhāratī’ Audio PDF (पूजन विधि निर्देश) (Poojan Procedure Guide) (नरेंद्र छंद) मूलसंघ को दृढ़तापूर्वक, किया जिन्होंने रक्षित है | कुंदकुंद आचार्य गुरु वे, जिनशासन में वन्दित हैं || काल-चतुर्थ के अंतिम-मंगल, महावीर-गौतम गणधर | पंचम में प्रथम महामंगल, श्री कुंदकुंद स्वामी गुरुवर || उन महागुरु के चरणों में, … Continue reading आचार्यप्रवर श्री कुंदकुंद स्वामी पूजनĀcāryapravara Srī Kundakunda Svāmī Pūjan →
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आर्यिका स्वस्तिभूषणमती जी Āryikā svastibhūṣaṇamatī jī (पूजन विधि निर्देश) (Poojan Procedure Guide) Audio PDF (शंभू छन्द) क्रम-अंत में मुक्ति पा कर, सिद्धालय जा वास कियाI वीर प्रभू के शिष्य अनुपम, वीर प्रभू पथ गमन किया || दिव्य तेज आतम की शक्ति, तप से पाकर धन्य हुएI जम्बू स्वामी को पूजें हम, पंचम काल में सिद्ध … Continue reading श्री जम्बू स्वामी पूजाŚrī Jambū Svāmī Pūjā →
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(कवि श्री जिनेश्वरदासजी) (Kavi Shree Jineshwardasji) (पूजन विधि निर्देश) (Poojan Procedure Guide) (दोहा) कर्म-अरिगण जीत के, दरशायो शिव-पंथ | सिद्ध-पद श्रीजिन लह्यो, भोगभूमि के अंत || समर-दृष्टि-जल जीत लहि, मल्लयुद्ध जय पाय | वीर-अग्रणी बाहुबली, वंदौं मन-वच-काय || ॐ ह्रीं श्रीबाहुबलीजिनेन्द्र! अत्र अवतर! अवतर! संवौषट्! (आह्वाननं) ॐ ह्रीं श्रीबाहुबलीजिनेन्द्र! अत्र तिष्ठ! तिष्ठ! ठ:! ठ:! … Continue reading श्री बाहुबली स्वामी पूजा Śrī Bāhubalī Svāmī Pūjā →
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कवि श्री जुगलकिशोर युगल” Kavi śrī Jugalakiśōra “yugal” Audio PDF (हरिगीतिका) निज वज्र-पौरुष से प्रभो! अंतर-कलुष सब हर लिये | प्रांजल प्रदेश-प्रदेश में, पीयूष-निर्झर झर गये || सर्वोच्च हो अतएव बसते, लोक के उस शिखर रे | तुम को हृदय में स्थाप, मणि-मुक्ता चरण को चूमते || ॐ ह्रीं श्री सिद्धचक्राधिपते सिद्धपरमेष्ठिन्! अत्र अवतर! अवतर! … Continue reading सिद्ध-पूजा Sid'dha-Pūjā →
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कविश्री राजमल पवैया Kavi śrī Rājamala Pavaiyā Audio PDF अर्हन्त सिद्ध आचार्य नमन! हे उपाध्याय! हे साधु! नमन | जय पंच परम परमेष्ठी जय, भवसागर तारणहार नमन || मन-वच-काया-पूर्वक करता हूँ, शुद्ध-हृदय से आह्वानन | मम-हृदय विराजो! तिष्ठ! तिष्ठ! सन्निकट होहु मेरे भगवन || निज-आत्मतत्त्व की प्राप्ति-हेतु, ले अष्ट-द्रव्य करता पूजन | तव चरणों के … Continue reading श्री पंच-परमेष्ठी पूजा Śrī Pan̄ca-Paramēṣṭhī Pūjā →
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गणिनी-आर्यिका ज्ञानमती जी Gaṇinī-āryikā Jñānamatī Jī Audio PDF (गीता छन्द) अरिहंत सिद्धाचार्य पाठक, साधु त्रिभुवन-वंद्य हैं | जिनधर्म जिन-आगम जिनेश्वर, मूर्ति जिनगृह वंद्य हैं || नवदेवता ये मान्य जग में, हम सदा अर्चा करें | आह्वान कर थापें यहाँ, मन में अतुल-श्रद्धा धरें || ॐ ह्रीं श्री अरिहंत सिद्ध आचार्योपाध्याय सर्वसाधु जिनधर्म जिनागम जिनचैत्य जिनचैत्यालय … Continue reading नवदेवता-पूजाNavadēvatā – Pūjā →
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पं. हुकमचन्द भारिल्ल Pandit Hukamacanda Bhārilla Audio PDF (हरिगीतिका) (Harigītikā) जो मोह माया मान मत्सर, मदन मर्दन-वीर हैं | जो विपुल विघ्नों बीच में भी, ध्यान-धारण-धीर हैं || जो तरण-तारण भव-निवारण, भव-जलधि के तीर हैं | वे वन्दनीय जिनेश, तीर्थंकर स्वयं महावीर हैं || ॐ ह्रीं श्री महावीर जिनेन्द्र! अत्र अवतर! अवतर! संवौषट्! ॐ ह्रीं … Continue reading श्री महावीर-जिन पूजनŚrī Mahāvīra-Jina Pūjana →
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