गायत्री मंत्र के उच्चारण से हम अपने क्रोध को शांत कर सकते है, गायत्री मंत्र का उच्चारण करने से शरीर की अनेक बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है। ऐसा माना गया है कि इसके उच्चारण से रक्त का संचार सही तरह से होता है इसके अलावा अस्थमा रोगियों के लिए भी इसका जप यह बेहद लाभकारी बताया है।
शास्त्रों में उस पर पैर रखने की विवशता के लिए एक विशेष मंत्र के द्वारा क्षमा प्रार्थना ज़रूरी मानी गई है।
इस मंत्र का जाप करते हुए नहाने से तीर्थ स्नान का पुण्य मिलता है। गंगा दशहरा का व्रत करने से देवी गंगा के साथ ही, सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त की जा सकती है।
इस मंत्र का जाप करने से सभी देवी-देवता और नौ ग्रहों की कृपा मिलती है। शास्त्रों के अनुसार हमारे हाथों के आगे वाले भाग में देवी लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और हाथ के मूलभाग में भगवान विष्णु का वास है।