शक्रिुया गुरुदेव तरा े शक्रिु या ,मझको ु अपनी बंदगी मेँलेलिया॥पाप कर्मों सेहुई मलै ी चनर ु , ग्यान का साबनु लगाकर धो दिया॥टेक॥भटकता रहता यहुींबेलौस मैं.तमनु ेउंगली थाम मग दर्शनर्श किया॥टेक॥रामनामाकार देकर आपने, दिव्य जीवन का हमेंदर्शनर्श दिया ॥टेक॥या इलाही, आपकी नज़रेकरम ,लम्हेमेँकंकड को कंचन कर दियाहैप्रभूआपकी येमहती कृपा ,एकपल मेँसकल सकं ट हर लि या !!