एक आस्तिक की आत्म कहानी१ - भैया ये आत्म कहानी है२ - मै अकल खिलौनाहमारे पूर्वज - संक्षिप्त परिचय१ - हनुमत-कृपा के अनुभव२ - हनुमानजी की प्रत्यक्ष कृपा३ - बाबा-दादी की तीर्थयात्रा४ - मंगल-दर्शन समग्र-समर्पण५ - श्री हनुमानजी का आदेशजीवन के अविस्मरणीय क्षणों की गाथा१ - संकट मोचन महावीर से प्रथम परिचय२ - मेरी प्यारी माँ३ - जन्मदात्री माँ ही गुरु माँ४ - अम्मा की अंतिम यात्रा५ - पिताश्री की छत्रछाया में६ - समय का फेर७ - पिताश्री पर हनुमत कृपा८ - आजीविका अर्जन के क्षेत्र का चुनाव९ - हनुमत-कृपा का अनूठा अनुभवहनुमत-कृपा-आख्यान१ - शैशव की झलक२ - प्रारंभिक शिक्षा एवं काव्य रचना३ - मेरे बड़े भैया और उनका अंकुश४ - बड़े भैया के जीवन से सीखशिक्षण संस्थानों की देन१ - बनारस हिन्दू युनिवर्सिटी प्रवास२ - संगीत-रस भीनी प्रसिद्धि का प्रभाव३ - कटु सत्य की चपेट में४ - मेरी प्रथम प्रेयसी - मोटर कार५ - कडुए-मीठे फलों का मधुर अनुभव६ - असफलता में भी हनुमत-कृपा का दर्शनसंगीत-साधना से आत्मानंद की रसानुभूति१ - संगीत-साधना की प्रेरणा२ - स्वर ही ईश्वर है३ - सुगम-संगीत क्षेत्र में पायी आत्मतुष्टिअर्थोपार्जन की कर्मभूमि१ - हार्नेस फेक्ट्री में पदार्पण२ - लन्दन में पढाई३ - एकाकी "लन्दन प्रवास"४ - लन्दन प्रवास की स्मृतियों की झलक५ - हार्नेस फेक्ट्री की पुरानी डगरअर्थोपार्जन की राह का नया मोड़१ - एक्सपोर्ट एजेंसी की छाँव तले२ - महानगरी मुम्बई की महामाया का वरदान३ - गयाना देश की मधुर यादें४ - प्रतिनिधि नियुक्ति - दिल्ली, आगरा, जालन्धर, कानपुर५ - सरकारी नौकरी का अंतिम पड़ाव - कोचीन६ - सिडको लैदर्स - एक और अनुभवधर्म-कर्म की पीठिका पर गृहस्थाश्रम१ - गृहस्थाश्रम में प्रवेश२ - सद्गुरु से मिलन और नाम दीक्षा३ - मेरा पहिला पंचरात्रि सत्संग४ - सुख-शांतिमय पारिवारिक जीवनवानप्रस्थ की ओर बढ़ते कदम१ - बिन हरि कृपा मिलहिं नहीं संता२ - परम कृपालु गुरुजन३ - दिव्य शान्ति आनंद छकूँ मैं